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टाइफॉय्ड (Typhoid in hindi) के इलाज के लिए 12 घरेलू नुस्खे!

By Dr. Nikita Toshi +2 more

टाइफॉय्ड(Typhoid) बुखार एक बैक्टीरियल इन्फेक्शन है जो दूषित पानी या भोजन के कारण होता है। यह आँतों के रास्ते को प्रभावित करता है और बाद में रक्तप्रवाह में फैल जाता है। इसे “आँतों का बुखार” के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि यह मुख्य रूप से हमारी आंतों को प्रभावित करता है।

यह साल्मोनेला टाइफी नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। खराब साफ-सफाई की स्थिति, असुरक्षित पेयजल और दूषित भोजन टाइफॉय्ड के सामान्य कारण हैं। जल्दी ठीक होने में मदद करने के लिए, नियमित दवा के साथ घरेलू नुस्खे आज़माएं और बेहतरीन नतीजे पाएं।

टाइफाइड का इलाज

टाइफॉय्ड कैसे बढ़ता है

स्टेज 1
स्टेज 2
स्टेज 3
स्टेज 4
स्टेज 5
शुरुआती अवस्था में टाइफॉय्ड का इलाज करके, इस रोग को किसी भी गंभीर रूप में बढ़ने से रोका जा सकता है

टाइफॉय्ड बुखार के संकेत और लक्षण

  • बुखार आना और ठंड लगना
  • सिरदर्द होना
  • दस्त के साथ पेट दर्द
  • जी मिचलाना और उल्टी आना
  • कमज़ोरी
  • भूख न लगना
  • लिवर बड़ा होना 
  • त्वचा पर ददोरे
  • हैल्युसिनेशन होना (काल्पनिक ख्याल आना)
  • नकसीर फूटना
  • डेलिरियम (सोचने समझने में परेशानी होना)

टाइफॉय्ड के इलाज के लिए कुछ जांचे-परखे घरेलू नुस्खे यहां दिए गए हैं।

1. ज़्यादा तरल पदार्थ पिएं

टाइफॉय्ड बुखार से उल्टी और दस्त हो सकते हैं जिससे शरीर में पानी की बहुत कमी हो सकती है। शरीर में पानी की कमी को होने से रोकने के लिए तरल पदार्थों का सेवन करते रहें। हाइड्रेटेड रहने से शरीर से अपशिष्ट पदार्थों और विषाक्त पदार्थों को समय पर बाहर निकालने में भी मदद मिलती है। पानी के अलावा फलों का जूस, नारियल पानी और सूप लें।

टाइफॉय्ड बुखार के कारण शरीर में होने वाली पानी की कमी से निपटने के लिए ओआरएस सबसे अच्छा उपाय है। इस बात की जांच कर लें कि आपके पास डब्ल्यूएचओ द्वारा सुझाया गया ओआरएस ही हो। चाहे किसी भी केमिस्ट से पाउच खरीदें या घर पर ही स्वादिष्ट फ्लेवर वाले टेट्रा पैक रखें। आप चाहें तो एक लीटर उबले हुए पानी में चीनी और नमक मिलाकर इसे घर पर भी बना सकते हैं।

2. ठंडी पट्टी का इस्तेमाल करें

तेज़ बुखार से निपटने के लिए, ठंडी पट्टी का उपयोग करके शरीर का तापमान कम करें। आप बगलों, पैरों, कमर और हाथों को स्पंज से साफ कर सकते हैं। शरीर के सिरों पर ठंडी पट्टी लगाने से बुखार सबसे प्रभावी ढंग से कम होता है।

आप एक कपड़े को बर्फीले पानी में भिगो सकते हैं, उसमें से एक्स्ट्रा पानी को निचोड़ कर अपने माथे पर रख सकते हैं। इस कपड़े को बार-बार बदलें।

3. ऐप्पल साइडर विनेगर लें

ऐप्पल साइडर विनेगर शरीर में सही पीएच बनाए रखने में मदद करता है। यह त्वचा से गर्मी को बाहर निकालता है और इसलिए शरीर के तापमान को कम करता है। ऐप्पल साइडर विनेगर से डायरिया के कारण होने वाली मिनरल्स की कमी की भरपाई हो जाती है। पानी में एक चम्मच एप्पल साइडर विनेगर मिलाएं, ज़रूरत हो तो शहद मिलाएं। इसे खाना खाने से पहले पियें। ऐप्पल साइडर विनेगर के स्वास्थ्य लाभों के बारे में और पढ़ें

4. तुलसी

तुलसी एंटीबायोटिक और एंटीमाइक्रोबियल है। उबले हुए पानी में तुलसी डालकर रोजाना तीन से चार कप पिएं। तुलसी रोग से लड़ने की क्षमता को बढ़ाती है और पेट को ठंडा रखती है। या आप पेस्ट बनाने के लिए 4-5 तुलसी के पत्ते ले सकते हैं। इस पेस्ट में काली मिर्च पाउडर और केसर के कुछ कतरे मिलाएं। इन सभी को मिला लें और इसके बाद तीन भागों में बांट लें। इस मिश्रण को हर भोजन के बाद लें। तुलसी के स्वास्थ्य लाभों के बारे में और पढ़ें।

5. लहसुन

लहसुन में मौजूद एंटीमाइक्रोबियल गुण टाइफॉय्ड बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं। लहसुन अपने एंटीऑक्सीडेटिव गुणों के कारण टाइफॉय्ड से जल्दी ठीक होने में भी मदद करता है। यह इम्युनिटी को बढ़ाता है और शरीर को डिटॉक्स करता है। खाली पेट इसकी दो कलियाँ खाएं। इसकी सलाह गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए नहीं है। साथ ही, लहसुन के 10 स्वास्थ्य लाभ पढ़ें।

6. केले

केले बुखार को कम कर सकते हैं और टाइफॉय्ड के रोगियों में दस्त का इलाज कर सकते हैं। केले में पेक्टिन होता है, जोकि एक घुलनशील फाइबर है जो तरल पदार्थ को एब्सोर्ब करने में आंतों की मदद करता है, जिससे दस्त ठीक हो जाते हैं। इस फल में मौजूद पोटैशियम लूज मोशन के कारण शरीर से कम हुए इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई करने में मदद करता है। यह टाइफॉय्ड होने पर खाने के लिए सबसे अच्छा फल है।

7. त्रिफला चूरन

यह एक आवश्यक आयुर्वेदिक चूर्ण है जो बुखार और टाइफॉय्ड पर सकारात्मक प्रभाव दिखाता है। यह साल्मोनेला टाइफी को बनने से रोकता है। केमिस्ट इसे पाउडर और गोलियों के रूप में उपलब्ध कराते हैं। यह आयुर्वेद में टाइफॉय्ड के लिए सबसे अच्छे घरेलू नुस्खों में से एक है।

8. लौंग

लौंग टाइफॉय्ड पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ती है। लौंग के ज़रूरी तेलों में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो टाइफॉय्ड पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मार सकते हैं। यह टाइफॉय्ड के कारण जी मिचलाने और उल्टी आने को भी कम करता है। लौंग के साथ पानी उबालें, इसे एक कप में छान लें और रोज़ाना दो कप पिएं।

9. अनार

टाइफॉय्ड के इलाज के लिए अनार एक असरदार घरेलू इलाज है। यह शरीर में पानी की कमी को रोकने में मदद करता है। इसे फल के रूप में खाएं या जूस निकालकर पिएं।

डॉक्टर से सलाह लें और सहायक चिकित्सा के रूप में घरेलू नुस्खों का उपयोग करें। उचित आराम, हल्का भोजन, साफ पानी और धैर्य रखने से रोगी जल्दी ठीक हो जाएगा।

10. छाछ 

छाछ में प्रोबायोटिक्स भरपूर मात्रा में होते हैं जो न केवल आंतों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं बल्कि प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मज़बूत बनाते हैं। साथ ही, यह प्रोटीन को तोड़ने में मदद करता है जो आपका बुखार उतर जाने के बाद ठीक होने की प्रक्रिया में मददगार हो सकता है। यह टाइफॉय्ड के घरेलू उपचारों में से एक है जिसका उपयोग आपको बुखार उतरने के बाद करना चाहिए। 

11. संतरे

संतरे बड़ी मात्रा में महत्वपूर्ण विटामिन, मिनरल्स और पोषक तत्वों से भरे होते हैं।  यह आपके शरीर को उन पोषक तत्वों के साथ फिर से भरने में मदद करते हैं जिनकी कमी बुखार होने पर हो जाती है और सामान्य स्थिति में वापस आने के लिए जिनकी आवश्यकता होती है। साथ ही, इसमें पानी होता है जो शरीर में पानी की कमी को दूर करने में मदद कर सकता है।  अगर हो सके तो कुछ स्लाइस या पूरा संतरा लें, आपके शरीर को उसके लिए आवश्यक विटामिन मिलेंगे। यह टाइफॉय्ड बुखार के आसान घरेलू उपचारों में से एक है और आपको इससे तरोताज़ा महसूस होगा। 

12. अमरुद के पत्ते

श्वसन तंत्र, गले और फेफड़ों में बलगम बनने से रोककर, अमरूद के पत्ते आपके बुखार को कम करने में मदद कर सकते हैं। यह माइक्रोब्स के बनने की मात्रा को कम करते हैं, जिससे आपमें रोग के लक्षण कम हो सकते हैं। एक ईनाम के रूप में, अमरूद के पत्ते आयरन और विटामिन सी से भरपूर होते हैं, ये दोनों ही आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए ज़रूरी हैं।

इन सुझावों का पालन करें (Tips to Follow):

  1. संक्रमित व्यक्ति द्वारा उपयोग की गई वस्तुओं के इस्तेमाल से बचें। जैसे, तौलिया, गिलास, रुमाल आदि।
  2. उबला हुआ पानी ही पिएं।
  3. मीठे पेय पदार्थों का सेवन न करें और कॉफी बिल्कुल ना पिएं।
  4. ऐसी कच्ची सब्जियों और फलों का उपयोग करने से बचें जिन्हें आप छील नहीं सकते।
  5. आंतों के बैक्टीरियल फ्लोर को संतुलित करने के लिए दही, मट्ठा और छाछ का सेवन करें।
  6. बेड रेस्ट जरूरी है क्योंकि बीमारी से बहुत कमज़ोरी हो जाती है।

उपाय करने के बाद इन सुझावों का पालन करें: 

1. ठंडे मौसम वाली स्थिति के संपर्क में आने से बचें। टाइफॉय्ड के लक्षण पूरी तरह से कम होने तक गर्म वातावरण में रहें। टाइफॉय्ड से ठीक होने के बाद भी शरीर कमज़ोर होता है। 

2. शरीर में पानी भरपूर मात्रा में होना (हाइड्रेशन) जरूरी है। ध्यान दें कि टाइफॉय्ड से ठीक होने के दौरान और बाद में पूरे दिन आपके शरीर में पानी भरपूर हो। 

3. जब तक बीमारी के लक्षण पूरी तरह से कम नहीं हो जाते तब तक नरम आहार ही लेते रहें।  इलाज के बाद आपको किस आहार का पालन करना चाहिए, इसके बारे में ज़्यादा जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लें। 

4. ठीक होने के बाद कोई भी ज़्यादा ज़ोर वाला काम न करें। शरीर अभी भी कमज़ोर है और वक्त के साथ-साथ मज़बूत होने के लिए समय देना ज़रूरी है। 

5. अपने आप पर नज़र रखें और जब आप बेचैन महसूस करें या टाइफॉय्ड के लक्षण कम न हों तो डॉक्टर से मिलें।

Read in English: 12 Home Remedies for Typhoid

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

टाइफॉय्ड बुखार के रोगी को किस तरह के भोजन से बचना चाहिए?

टाइफॉय्ड बुखार से पीड़ित व्यक्ति को जिन खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए, वे हैं कच्ची सब्जियां जैसे ब्रोकोली, फूलगोभी, गोभी, सूखे मेवे, कच्चे जामुन, अनानास, बादाम जैसे मेवे, पिस्ता, अखरोट और बीज जैसे कद्दू के बीज, अलसी के बीज, चिया के बीज।

क्या टाइफॉय्ड बुखार फैलता हैं?

हाँ। टाइफॉय्ड बुखार आमतौर पर दूषित भोजन या पेय पदार्थ खाने या पीने से फैलता है। 

टाइफॉय्ड बुखार को कैसे रोकें?

टाइफॉय्ड बुखार से बचाव के लिए आपको साफ पानी पीना चाहिए, अपने आस-पास को साफ रखना चाहिए और अच्छी साफ़-सफाई का पालन करना चाहिए जैसे अपने हाथों को बार-बार धोना, अल्कोहल-बेस्ड सैनिटाइज़र का उपयोग करना, अनट्रीटेड वॉटर पीने से बचना, कच्चे फल और सब्ज़ियों को साफ करना, गर्म भोजन करना और टीका लगवाना।

टाइफॉय्ड से ठीक होने में कितने दिन लगेंगे?

सही इलाज के साथ, टाइफॉय्ड बुखार के लक्षणों में 3-5 दिनों के भीतर सुधार होना चाहिए। अगर टाइफॉय्ड बुखार का इलाज नहीं किया जाता है, तो यह और भी बदतर हो जाएगा और जानलेवा समस्याओं के होने का एक बड़ा खतरा हो सकता है।


टाइफाइड बार-बार क्यों होता है?

यदि प्रारंभिक संक्रमण का पूरी तरह से इलाज नहीं किया गया तो टाइफाइड दोबारा हो सकता है, जिससे बैक्टीरिया शरीर में बने रह सकते हैं। इसके अतिरिक्त, अपर्याप्त स्वच्छता, दूषित भोजन या जल स्रोत, या बैक्टीरिया के वाहकों के संपर्क में आने से बार-बार संक्रमण हो सकता है। टाइफाइड की पुनरावृत्ति के जोखिम को कम करने के लिए उचित उपचार और निवारक उपाय जैसे टीकाकरण और स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है।

टाइफाइड को ख़त्म करने का इलाज?

टाइफाइड के उपचार में आमतौर पर संक्रमण पैदा करने वाले साल्मोनेला बैक्टीरिया को मारने के लिए एंटीबायोटिक्स शामिल होते हैं। आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले एंटीबायोटिक्स में फ़्लोरोक्विनोलोन, सेफलोस्पोरिन और एज़िथ्रोमाइसिन शामिल हैं। बैक्टीरिया के पूर्ण उन्मूलन को सुनिश्चित करने और पुनरावृत्ति के जोखिम को कम करने के लिए स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर द्वारा निर्धारित एंटीबायोटिक दवाओं का पूरा कोर्स पूरा करना महत्वपूर्ण है।

टाइफाइड में चाय पीनी चाहिए या नहीं?


सामान्य तौर पर, टाइफाइड बुखार के दौरान चाय जैसे कैफीनयुक्त पेय पदार्थों से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि वे पेट में जलन पैदा कर सकते हैं और मतली और दस्त जैसे लक्षणों को संभावित रूप से खराब कर सकते हैं। इसके बजाय, साफ़ तरल पदार्थ, इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय और हर्बल चाय का चयन करें जो पेट के लिए कोमल होते हैं और जलयोजन बनाए रखने में मदद करते हैं।

टाइफाइड में नहाना चाहिए या नहीं?

आमतौर पर टाइफाइड बुखार के दौरान ठंडे पानी से नहाने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इससे कंपकंपी हो सकती है और परेशानी बढ़ सकती है। हालाँकि, गुनगुने स्पंज स्नान बुखार को कम करने और लक्षणों से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं। व्यक्तिगत परिस्थितियों के आधार पर व्यक्तिगत सलाह के लिए किसी स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर से परामर्श लें।

टाइफाइड कितने समय तक रहता है?

टाइफाइड बुखार की अवधि व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया और उपचार की प्रभावशीलता जैसे कारकों के आधार पर भिन्न हो सकती है। सामान्य तौर पर, अनुपचारित टाइफाइड कई हफ्तों तक रह सकता है, जबकि उचित एंटीबायोटिक उपचार के साथ, लक्षण अक्सर एक सप्ताह के भीतर सुधार हो जाते हैं। हालाँकि, पूरी तरह से ठीक होने में कई सप्ताह लग सकते हैं, और इष्टतम रिकवरी के लिए चिकित्सा सलाह का पालन करना आवश्यक है।

क्या टाइफाइड के कारण सीने में दर्द हो सकता है?

जबकि टाइफाइड बुखार मुख्य रूप से जठरांत्र प्रणाली को प्रभावित करता है, गंभीर मामलों या निमोनिया जैसी जटिलताओं के कारण सीने में दर्द हो सकता है। इसके अतिरिक्त, सामान्यीकृत शरीर में दर्द और मांसपेशियों में दर्द, जो टाइफाइड के सामान्य लक्षण हैं, छाती की परेशानी में भी योगदान दे सकते हैं। सटीक निदान और लक्षणों के उचित प्रबंधन के लिए एक स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है।

क्या टाइफाइड यौन संचारित हो सकता है?

टाइफाइड मुख्य रूप से दूषित भोजन या पानी के सेवन से फैलता है, यौन संचारण से नहीं। हालाँकि, किसी संक्रमित व्यक्ति के मल या मूत्र के साथ घनिष्ठ संपर्क संभावित रूप से बैक्टीरिया को प्रसारित कर सकता है। टाइफाइड के प्रसार को रोकने के लिए अच्छी स्वच्छता और सुरक्षित स्वच्छता उपायों का अभ्यास करना आवश्यक है।

क्या टाइफाइड के कारण पेट दर्द हो सकता है?


हां, टाइफाइड बुखार इसके सामान्य लक्षणों में से एक के रूप में पेट दर्द का कारण बन सकता है। आंतों की परत की सूजन और टाइफाइड से जुड़ी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल गड़बड़ी से पेट में ऐंठन, बेचैनी और कोमलता हो सकती है। उचित निदान और उपचार के लिए शीघ्र चिकित्सा सहायता आवश्यक है।

क्या टाइफाइड ठंड से फैल सकता है?

नहीं, टाइफाइड बुखार ठंडे तापमान से नहीं फैलता है। यह मुख्य रूप से साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया युक्त दूषित भोजन या पानी के सेवन से फैलता है। टाइफाइड संचरण को रोकने के लिए उचित स्वच्छता, स्वच्छ जल स्रोत और खाद्य स्वच्छता प्रथाओं को बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

क्या टाइफाइड के कारण उच्च रक्तचाप हो सकता है?

टाइफाइड बुखार आम तौर पर सीधे तौर पर उच्च रक्तचाप का कारण नहीं बनता है। हालाँकि, गंभीर मामले या जटिलताएँ जैसे निर्जलीकरण और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन अस्थायी रूप से रक्तचाप के स्तर को प्रभावित कर सकते हैं। जटिलताओं को रोकने और समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए टाइफाइड के लक्षणों का उचित उपचार और प्रबंधन आवश्यक है।

क्या टाइफाइड से वजन घटता है?

हां, वजन कम होना टाइफाइड बुखार का एक सामान्य लक्षण है, जो आमतौर पर भूख में कमी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल गड़बड़ी और संक्रमण से जुड़े चयापचय परिवर्तन के कारण होता है। टाइफाइड के उपचार के दौरान और बाद में खोए हुए पोषक तत्वों की उचित रिकवरी और पुनःपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए वजन और पोषण संबंधी स्थिति की निगरानी करना महत्वपूर्ण है।

क्या टाइफाइड पीरियड्स को प्रभावित करता है?

शरीर पर पड़ने वाले तनाव और हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारण टाइफाइड बुखार संभावित रूप से कुछ व्यक्तियों में मासिक धर्म चक्र को बाधित कर सकता है। हालाँकि, पीरियड्स पर सीधा प्रभाव आमतौर पर रिपोर्ट नहीं किया जाता है। मासिक धर्म पैटर्न में किसी भी महत्वपूर्ण परिवर्तन या अनियमितताओं पर उचित मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए एक स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर के साथ चर्चा की जानी चाहिए।

क्या टाइफाइड के कारण खांसी होती है?

टाइफाइड बुखार में आमतौर पर खांसी नहीं होती है क्योंकि यह मुख्य रूप से जठरांत्र प्रणाली को प्रभावित करता है। हालाँकि, यदि निमोनिया जैसी जटिलताएँ होती हैं, तो खांसी एक लक्षण के रूप में विकसित हो सकती है। टाइफाइड बुखार के दौरान खांसी या श्वसन संबंधी लक्षणों का अनुभव होने पर उचित मूल्यांकन और उपचार के लिए स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर से परामर्श करना आवश्यक है।

क्या टाइफाइड से प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं?


हां, टाइफाइड बुखार के कारण कभी-कभी प्लेटलेट काउंट में कमी आ सकती है, इस स्थिति को थ्रोम्बोसाइटोपेनिया कहा जाता है। यह विभिन्न कारकों के कारण हो सकता है, जिसमें संक्रमण के प्रति शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया और संभावित अस्थि मज्जा दमन शामिल है। टाइफाइड बुखार के उपचार के दौरान रक्त गणना की निगरानी करना और प्लेटलेट स्तर में किसी भी महत्वपूर्ण बदलाव के लिए चिकित्सा की तलाश करना महत्वपूर्ण है।

Disclaimer: The information provided here is for educational/awareness purposes only and is not intended to be a substitute for medical treatment by a healthcare professional and should not be relied upon to diagnose or treat any medical condition. The reader should consult a registered medical practitioner to determine the appropriateness of the information and before consuming any medication. PharmEasy does not provide any guarantee or warranty (express or implied) regarding the accuracy, adequacy, completeness, legality, reliability or usefulness of the information; and disclaims any liability arising thereof.

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