"MedicalWebPage", "FAQPage"

Get,

Free Doctor Tips

to manage your symptom

Get your,

FREE Doctor Tips Now!!

4 Cr+ families

benefitted

Enter your Phone Number

+91

|

Enter a valid mobile number

Send OTP

Verify your mobile number

OTP sent to 9988776655

CONGRATULATIONS!!!

You’ve successfully subscribed to receive

doctor-approved tips on Whatsapp


Get ready to feel your best.

Hi There,

Download the PharmEasy App now!!

AND AVAIL

AD FREE reading experience
Get 25% OFF on medicines
Banner Image

Register to Avail the Offer

Send OTP

By continuing, you agree with our Privacy Policy and Terms and Conditions

Success Banner Image

Verify your mobile number

OTP sent to 9988776655

Comments

Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments

Leave your comment here

Your email address will not be published. Required fields are marked *

25% OFF on medicines

Collect your coupon before the offer ends!!!

COLLECT

तेजपत्ता (Bay Leaves in Hindi)– उपयोग, फायदे और न्यूट्रिशनल वैल्यू

By Dr Rajeev Singh +2 more

परिचय

तेजपत्ता सिनामोमम तमाला नामक पौधे की सूखी पत्तियां होती हैं। यह सिनामोमम वंश के लौरेसी परिवार का पौधा होता है जिसकी 270 प्रजातियां हैं और प्रमाणिक रूप से ये सभी एशिया और ऑस्ट्रेलिया में पाई जाती हैं।


तेजपत्ता को भारतीय बे-लीफ़ भी कहा जाता है जो छोटे सदाबहार या बारहमासी वृक्ष पर होते हैं जिसका मतलब है कि इनकी पैदावार साल भर होती है और अपने जीवन काल में हर साल फल देते हैं।

सामान्य तौर पर, वृक्ष 12 मीटर ऊँचा होता है और इसकी पत्ती लगभग 12-20 सेमी लम्बी तथा 5-8 सेमी चौड़ी होती है जिसके मध्य में तीन लम्बी तंत्रिकाएं होती हैं जो पत्ती के आधार से शीर्ष तक जाती हैं।

तेजपत्ता कहाँ पाया जाता है?

प्राकृतिक रूप से भारतीय बे-लीफ़ उत्तर-पश्चिमी हिमालय के क्षेत्र, सिक्किम, असम, मिजोरम, मेघालय, उष्णकटिबंधीय (ट्रॉपिकल) और उपोष्णकटिबंधीय (सब -ट्रॉपिकल) एशिया, दक्षिण एशिया, प्रशांत क्षेत्र एवं ऑस्ट्रेलिया पाया जाता है। मसाला के रूप में इसका उपयोग विभिन्न व्यंजनों, खासकर उत्तर भारतीय व्यंजनों में किया जाता है और यह इन्हें खुशबूदार गंध और स्वाद प्रदान करता है।1

तेजपत्ता के अन्य नाम

भारतीय बे-लीफ़ को अंग्रेजी के कई नामों से जाना जाता है जैसे

  • इंडियन कैसिया
  • मालाबार लीफ़
  • इंडियन बार्क
  • मालाबथ्रम।

भारत के स्थानीय भाषाओं में इसे विभिन्न नामों से जाना जाता है जैसे

  • हिंदी में तेजपत्ता (मुख्य रूप से सूखे पत्तों के संबंध में)
  • उर्दू में तेजपत
  • कन्नड़ में पत्रका
  • मलयालम में तमालपत्रम

तेजपत्ता में पोषक तत्वों की मात्रा:

1 छोटे चम्मच तेजपत्ता पाउडर में मैक्रोन्यूट्रिएंट की उपस्थिति4 

भाग की मात्रा1 छोटा चम्मच = 0.6 ग्राम
मात्रा प्रति भाग 
कैलोरी1.9 किलो कैलोरी
कुल वसा0.1 ग्राम
कोलेस्ट्रॉल0.0 ग्राम
कुल कार्बोहाइड्रेट0.5 ग्राम
प्रोटीन0.1 ग्राम

1 छोटे चम्मच तेजपत्ता पाउडर में माइक्रोन्यूट्रिएंट की उपस्थिति4

भाग की मात्रा1 छोटा चम्मच = 0.6 ग्राम
मात्रा प्रति भाग 
विटामिन ए1.850 माइक्रोग्राम
विटामिन बी 10.000 माइक्रोग्राम
विटामिन बी 20.003 मिलीग्राम
विटामिन बी 30.012 मिलीग्राम
विटामिन बी 60.010 मिलीग्राम
विटामिन बी91.080 माइक्रोग्राम
विटामिन बी 120.000 माइक्रोग्राम
विटामिन सी0.300 मिलीग्राम
विटामिन डी0.000 माइक्रोग्राम
कैल्शियम5.000 मिलीग्राम
आयरन0.300 मिलीग्राम
सोडियम0.100 मिलीग्राम
पोटैशियम3.2 मिलीग्राम
मैग्नीशियम0.72 मिलीग्राम
मैंगनीज0.049 मिलीग्राम
फॉस्फोरस0.68 मिलीग्राम
सेलेनियम0.02 माइक्रोग्राम
राख0.1 ग्राम
पानी0.1 ग्राम

तेजपत्ता के प्रकार:

  • देखा जाता है कि बे-लीफ़ कई प्रकार के होते हैं जिनका उपयोग भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है।
  • इसमें कई प्रजातियों के पौधे शामिल हैं जैसे टर्किश या भूमध्यसागरीय या यूरोपीय बे-लीफ़ (लौरस नोबिलस), भारतीय बे-लीफ़, कैलिफोर्नियाई बे-लीफ़, इन्डोनेशियाई बे-लीफ़, पश्चिम भारतीय बे-लीफ़ और मेक्सिकन बे-लीफ़।3
  • इन सब में से यूरोपियन बे-लीफ़ जिसे बे लौरेल लीफ़ कहा जाता है जिसे सामान्य तौर पर “बे-लीफ़” के रूप में जाना जाता है तथा यह भारतीय बे-लीफ़ जैसा दिखता है।
  • इसमें मुख्य अंतर ये है कि यूरोपीय बे-लीफ़ में केवल एक मध्य तंत्रिका होती है तथा यह भारतीय बे-लीफ़ के मुकाबले ज्यादा छोटा, पतला और हल्के रंग का होता है।
  • इन्हें गलती से एक-दूसरा समझ लिया जाता है तथा उनके गुण भी लगभग एक-समान ही होते हैं।3

तेजपत्ता के संभावित उपयोग:

Tejpatta (Bay Leaves) ke sambhavit upyog:

इस औषधीय पौधे के कई प्रकार के उपयोग हैं [संभावित फ़ायदे और उपयोग और फ़ायदे जो निम्नवत हैं2,5,6,7

मस्तिष्क के लिए तेजपत्ता के संभावित उपयोग

कई अध्ययनों से पता चला है कि भारतीय बे-लीफ़ के अर्क में एंटीडिप्रेसेंट गुण होते हैं, इसका मतलब है कि या व्यक्ति के मिजाज को प्रफुल्लित कर सकता है। इसमें चिंता से राहत पहुँचाने वाले गुण होते हैं, इसका अर्थ है कि चिंतित व्यक्ति को यह शान्ति प्रदान कर सकता है। अतः इसमें मनोवैज्ञानिक विकारों का प्रबंधन करने वाले गुण हो सकते हैं।5 यद्यपि यदि आप मनोवैज्ञानिक समस्या से जूझ रहे हैं तो अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से संपर्क करना ज़रूरी है।

त्वचा और बाल के लिए तेजपत्ता के संभावित उपयोग

इस पौधे में त्वचा को चमकदार बनाने के गुण होते हैं। यह त्वचा में उपस्थित डार्क पिगमेंट मेलानिन उत्पन्न करने वाले टायरोसिनेस एंजाइम की क्रियाओं को बाधित कर सकता है।5,6 तेजपत्ता का तेल एक्जिमा जैसे त्वचा विकारों में उपयोगी हो सकता है, जिसमें त्वचा सूखी और परतदार हो जाती है। ये संभावित फ़ायदे इसके एंटीऑक्सीडेंट, जीवाणुरोधी एवं सूजनरोधी गुणों के कारण हो सकते हैं। कीटाणुरोधी कार्यों के कारण इस पत्ती का इस्तेमाल सिर के जूं हटाने के लिए किया जा सकता है।7 अगर आप इस तरह के संक्रमण से जूझ रहे हैं तो आपको किसी डॉक्टर से परामर्श करने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह परेशानी का कारण बन सकता है।

Read in English: 5 Ayurveda Herbs For Hair Growth

उच्च ब्लड शुगर के मामलों में तेजपत्ता के संभावित उपयोग

इसके एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण यह ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में मदद करता है तथा इन्सुलिन का बेहतर तरीके उपयोग करने के लिए शरीर पर कुछ प्रभाव भी डाल सकता है। साथ ही जब यह डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को दिया जाता है तो यह कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर को कम करने में भी मदद कर सकता है। मनुष्य पर बड़े स्तर पर अध्ययन करने से जिन लोगों को लम्बे समय से डायबिटीज है उनके महत्वपूर्ण अंगों के नुक्सान को रोकने में तेजपत्ता के प्रभाव का पता लगाने में मदद मिल सकता है। अतः, अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से बात किये बगैर डायबिटीज के लिए तेजपत्ता या अन्य हर्बल उपायों का इस्तेमाल करने से बचें।

कीट निवारक के रूप में तेजपत्ता के संभावित उपयोग

तेजपत्ता में कीटनाशी गुण प्रदान करने वाली लॉरिक एसिड पाई जाती है जिसके कारण इसमें कीट निवारक की संभावित शक्ति होती है। इसमें मच्छरों को भगाने के गुण होते हैं तथा यह गेहूं, चावल, जई, और जौ को कीड़ों से बचाता है।7 कीट निवारक के रूप में तेजपत्ता के उपयोग का समर्थन करने के लिए और अध्ययन किये जाने की जरुरत है।

फेफड़ों के लिए तेजपत्ता के सभावित उपयोग

इस औषधि में सामान्य ठंड का इलाज करने की संभावित क्षमता होती है क्योंकि मरीजों में ठंड के कारण होने वाले शुरुआती लक्षण सर्दी को यह कम करता है। यह कफ को कम करके दमा में आराम पहुंचाता है। यह तपेदिक (टीबी) की परेशानियों में भी कुछ फ़ायदा पहुंचा सकता है। कफ ख़त्म करने के इसके गुण के कारण यह कफ को नियंत्रण में काम आ सकता है, और बलगम को बाहर करने में मदद करता है तथा सांस के निकलने के रस्ते को साफ़ करता है; इसलिए यह उपरोक्त स्थितियों में प्रभावी होता है।2 यद्यपि मनुष्य पर इसके फायदों के बारे में उपलब्ध आँकड़े पर्याप्त नहीं हैं और इसलिए फेफड़े के इलाज के लिए अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से बात किये बिना तेजपत्ता या अन्य हर्बल औषधियों का प्रयोग करने से बचें।

कोलेस्ट्रॉल स्तर के संबंध में तेजपत्ता के संभावित उपयोग

तेजपत्ता पर किये गये अध्ययन के अनुसार यह ख़राब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है जो कि LDL-कोलेस्ट्रॉल होता है तथा अच्छे HDL कोलेस्ट्रॉल में वृद्धि करता है और ट्राइग्लिसराइड को कम करता है। अतः यह हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में मदद करता है।2,5,6 ब्लड शुगर स्तर और कोलेस्ट्रॉल स्तर के प्रभाव के कारण यह हृदय की रक्षा करता है अर्थात यह हृदय को सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है। यद्यपि उपर्युक्त वर्णित संभावित उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए और शोध किये जाने की जरुरत है। कोलेस्ट्रॉल स्तर जैसी गंभीर स्थितियों में डॉक्टर से परामर्श करें इसका निदान और इलाज डॉक्टर द्वारा ही किया जा सकता है।

पेट के लिए तेजपत्ता का संभावित उपयोग

इस पौधे से प्राप्त एथेनॉलिक अर्क अल्सररोधी का कार्य करता है क्योंकि यह एसिडिटी कम करता है और इसमें एंटीऑक्सीडेंट के गुण होते हैं।2,5,6 यद्यपि पेट की समस्या होने पर अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से संपर्क करना चाहिए।

ज़ख्म ठीक करने में तेजपत्ता के संभावित उपयोग

इसमें एंटीऑक्सीडेंट, सूजनरोधी, रोगाणुरोधी और इम्यूनोमॉड्यूलेटरी की संभावित शक्ति के कारण यह छोटे जख्मों को जल्दी से ठीक कर सकता है।2,5,6 इस तथ्य को संपुष्ट करने के लिए और अध्ययन करने की आवश्यकता है।

कैंसर में तेजपत्ता के संभावित उपयोग:

इस औषधि में कई यौगिक होते हैं जो फ़्री रैडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करते हैं तथा कैंसर के जोखिम को घटाते हैं।2,5,6 आपको सलाह दी जाती है कि अपने डॉक्टर से परामर्श किये बिना किसी हर्बल औषधि का इस्तेमाल कैंसर ठीक करने या रोकने के लिए नहीं करें।

यद्यपि बहुत सारे अध्ययनों से यह पता चला है कि तेजपत्ता का उपयोग कई बीमारियों में किया जा सकता है, किन्तु ये पर्याप्त नहीं हैं और मनुष्य के स्वास्थ्य पर तेजपत्ता के फ़ायदों की सही सीमा निर्धारित करने हेतु और अध्ययन किये जाने की ज़रुरत है।

तेजपत्ता का उपयोग कैसे करें:

  • तेजपत्ता को चाय के रूप में, काढ़े के रूप में या खाना पकाने के दौरान डाला जा सकता है, इसका उपयोग पाउडर के रूप में किया जा सकता है, इसको पीसा जा सकता है और पत्तियों से तेल निकाला जा सकता है।10
  • प्रत्येक बीमारी में सही डोज की मात्रा लिंग, शारीरिक बनावट, आयु, बीमारी के आधार पर हरेक व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है। फ़िलहाल सही डोज की मात्रा निर्धारित करने के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं।
  • पौधा से प्राप्त होने के कारण सामान्य तौर पर यह सुरक्षित होता है लेकिन हर स्थिति में सुरक्षित नहीं होता है; दिन में 1 ग्राम से ज्यादा लेने पर पसीना और अत्यधिक मूत्र आने की समस्या हो सकती है। अतः इसका उपयोग करने के पहले किसी फार्मासिस्ट या एलोपैथिक डॉक्टर से परामर्श करना ज़रुरी है।

तेजपत्ता अथवा हर्बल औषधि का उपयोग करने के पहले योग्य डॉक्टर से परामर्श करना आवश्यक है। इसी प्रकार, योग्य डॉक्टर से परामर्श किये बिना आधुनिक चिकित्सा प्रणाली के अनुसार चल रही किसी दवा को बंद या किसी आयुर्वेदिक/ हर्बल औषधि से प्रतिस्थापित नहीं करें।

तेजपत्ता के साइड इफ़ेक्ट्स:  

  • पूरी पत्ती का मुंह से सेवन करना सुरक्षित नहीं होता है। यह अन्दर नहीं जा पाएगा तथा पाचन तंत्र द्वारा पचाया नहीं जा सकेगा, यह आसानी से आपके गले या आंत में अटक सकता है तथा आंत की भीतरी दीवारों को नुकसान कर सकता है।8
  • तेजपत्ता के अर्क को त्वचा पर लगाने से कुछ लोगों में एलर्जी हो सकता है।9

सामान्य औषधियों और आहारों से लोगों में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया हो सकती है। अतः इसका उपयोग करने के बाद यदि आपको किसी प्रकार के साइड इफ़ेक्ट का अनुभव होता है तो तुरंत अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से संपर्क करें।

तेजपत्ता के साथ बरती जाने वाली सावधानियां:

  • गर्भावस्था और स्तनपान में: गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान इसके सुरक्षित होने के बारे में कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है। अतः सुरक्षा के ख्याल से इससे दूर रहना बेहतर है।
  • डायबिटीज में: इस पत्ती में ब्लड शुगर कम करने की शक्ति होती है इसलिए यदि डायबिटीज की दवा ले रहे व्यक्ति द्वारा इसका उपयोग किया जाता है तो उनके ब्लड शुगर के स्तर पर नज़र रखना चाहिए।11

अन्य दवाओं के साथ तेजपत्ता की प्रतिक्रिया :

  • डायबिटीज-रोधी दवाओं के साथ: जैसा कि ऊपर बताया गया है यदि ब्लड शुगर की दवा ले रहे व्यक्ति द्वारा इस पत्ती का भी सेवन किया जाता है तो उनके ब्लड शुगर के स्तर पर नज़र रखना चाहिए।11

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

1) तेजपत्ता और बे-लीफ़ में क्या अंतर है?

तेजपत्ता बे-लीफ़ का एक प्रकार है जिसे भारतीय बे-लीफ़ (सिनामोमम तमाला) भी कहा जाता है।3

2) तेजपत्ता और दालचीनी में क्या अंतर है?

हाँ, इन दोनों में अंतर है। दालचीनी सिनामोमम ज़ेलेनिकम नामक छोटे वृक्ष की सुखी छाल होती है जबकि तेजपत्ता सिनामोमम तमाला (भारतीय बे-लीफ़) नामक वृक्ष की सूखी पत्ती होती है।

3) तेजपत्ता और दालचीनी में क्या अंतर है?

तेजपत्ता और दालचीनी अलग-अलग होते हैं। तेजपत्ता सिनामोमम तमाला की सूखी पत्ती होती हैं जो सिनामोमम वंश की होती हैं। इस वंश के अंतर्गत लगभग 270 प्रजातियों के पौधे आते हैं। सिनामोमम वेरम (सिनामोमम ज़ेलेनिकम का पर्यायवाची) वृक्ष के सूखे छाल को ही सामान्य तौर पर वास्तविक दालचीनी कहते हैं।1,12,13

4) तेजपत्ता के वृक्ष कैसे उगते हैं?

पेड़ों को सूरज की पर्याप्त रोशनी की ज़रुरत होती है और नियमित वृक्षारोपण में इसे 3 x 2 मी. की दूरी पर रोपा जाता है। बीजों को जून-जुलाई के महीने में तैयार की गयी क्यारियों में बारीकी से बोया जाता है तथा बीजों के अंकुरण में 2-3 सप्ताह का समय लगता है। जब पौधे 15 सेमी तक ऊंचे हो जाते हैं या चार महीने के हो जाते हैं तो उन्हें 30 x 15 सेमी के आकार के पॉलिथीन बैग में रख दिया जाता है। फिर, 10-12 महीने बाद इन्हें खेत में रोप दिया जाता है और इन्हें कटाई की अवस्था में पहुँचने में 6-9 साल लगते हैं अर्थात जब वृक्ष 8-10 साल के हो जाते हैं तो पत्तियों को तोड़ा जा सकता है। सामान्य तौर पर पत्तियां अक्टूबर से लेकर दिसम्बर महीने तक तोड़ी जाती हैं किन्तु कुछ जगहों पर यह कार्य मार्च तक चलता रहता है।10

5) क्या हम तेजपत्ता खा सकते हैं?

हां, लेकिन जितनी मात्रा भोजन में डाली जाती है उतनी ही, तथा पीसी हुई पत्ती का सेवन कुछ देर के लिए किया जा सकता है, कच्ची समूची पत्ती को नहीं खाया जा सकता है क्योंकि इन पत्तियों को पचाना बहुत मुश्किल होता है और गले में अटक सकती हैं या आंत की दीवारों को नुकसान पहुंचा सकती है।8

6) तेजपत्ता के किस भाग का उपयोग किया जाता है?

मुख्य रूप से इस औषधीय पौधे की पत्तियों और छाल का उपयोग विभिन्न हर्बल उत्पादों और भोज्य पदार्थों में किया जा सकता है।7

Read in English: Shikakai – Uses, Benefits, Side Effect, Precautions & More

Disclaimer:
The information provided here is for educational/awareness purposes only and is not intended to be a substitute for medical treatment by a healthcare professional and should not be relied upon to diagnose or treat any medical condition. The reader should consult a registered medical practitioner to determine the appropriateness of the information and before consuming any medication. PharmEasy does not provide any guarantee or warranty (express or implied) regarding the accuracy, adequacy, completeness, legality, reliability or usefulness of the information; and disclaims any liability arising thereof.

Links and product recommendations in the information provided here are advertisements of third-party products available on the website. PharmEasy does not make any representation on the accuracy or suitability of such products/services. Advertisements do not influence the editorial decisions or content. The information in this blog is subject to change without notice. The authors and administrators reserve the right to modify, add, or remove content without notification. It is your responsibility to review this disclaimer regularly for any changes.

References:

  1. Gunjan Sharma , A. R. Nautiyal. Cinnamomum tamala: A valuable tree of Himalayas. Research Gate. [Internet]. Available from: https://www.researchgate.net/profile/Gunjan-Sharma-16 .
  2. Shifali Thakur, Bhawna Walia, Gitika Chaudhary. Review Based Upon Ayurvedic and Traditional Uses of Cinnamomum tamala (Tejpatta). International Journal of Pharmaceutical Sciences Review and Research. [Internet]. June 15, 2021. Available from: https://globalresearchonline.net/journalcontents/v68-2/11.pdf .
  3. Vijayasankar Raman , Rainer W Bussmann and Ikhlas Khan. Which Bay Leaf is in Your Spice Rack? – A Quality Control Study. Research Gate. [Internet]. Available from: https://www.researchgate.net/publication/314142585_Which_Bay_Leaf_is_in_Your_Spice_Rack_-_A_Quality_Control_Study .
  4. Nutritionvalue.org. Spices, bay leaf nutrition facts and analysis. [Internet]. Available from. https://www.nutritionvalue.org/Spices%2C_bay_leaf_nutritional_value.html. . Nutritional Value. [Internet]. Available from: https://www.nutritionvalue.org/Spices%2C_bay_leaf_nutritional_value.html .
  5. Shashank Tiwari and Shreya Talreja. Importance of Cinnamomum Tamala in the Treatment of Various Diseases. Semantic Scholar. [Internet]. September 22, 2020. Available from: https://pdfs.semanticscholar.org/7df4/763cf49cc4f5c326616c086c1c06c3d8c4fe.pdf?_ga=2.7655026.1100916339.1641413271-858442835.1625849501 .
  6. Ravi Kant Upadhyay. Research Reviews: Pharmacy and Pharmaceutical Sciences. Research & Reviews. [Internet]. July 28, 2017. Available from: https://www.rroij.com/open-access/therapeutic-and-pharmaceutical-potential-of-cinnamomumtamala-.pdf .
  7. Mukesh K. Chaubey. INSECTICIDAL ACTIVITIES OF CINNAMOMUM TAMALA (LAURACEAE) ESSENTIAL OIL AGAINST SITOPHILUS ORYZAE L. (COLEOPTERA: CURCULIONIDAE). Escience Press. [Internet]. Available from: https://esciencepress.net/journals/index.php/IJER/article/view/1796/882 .
  8. T K Tsang, M J Flais, G Hsin. Duodenal obstruction secondary to bay leaf impaction. Pubmed. [Internet]. April 20, 1999. Available from: https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/10215575/ .
  9. Snejina Vassileva, Razvigor Darlenski. Bay leaf phytodermatitis. Pubmed. [Internet]. December 14, 2020. Available from: https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/33191495/ .
  10. HANDBOOK OF PROCESSING OF TEJPATA. niftem. [Internet]. Available from: https://niftem.ac.in/newsite/pmfme/wp-content/uploads/2022/08/baywriteup.pdf .
  11. Alam Khan,Goher Zaman,and Richard A. Anderson. Bay Leaves Improve Glucose and Lipid Profile of People with Type 2 Diabetes. national center for biotechnology information. [Internet]. December 27, 2008. Available from: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2613499/ .
  12. Dr. Vipin Sharma. Important uses of Dalchini. CENTRAL COUNCIL FOR RESEARCH IN AYURVEDIC SCIENCES . [Internet]. Available from: http://ccras.nic.in/content/important-uses-dalchini .
  13. Sunil Kumar Koppala Narayana, Divya Kallingilkalathil Gopi, Mattummal Rubeena, and Sathiya Rajeswaran Parameswaran. Macro‑micro‑morphological diagnosis of leaves of two species of Cinnamomum (C. sulphuratum and C. verum) used as resource of bay leaf. National Center For Biotechnology Information. [Internet]. August 8, 2020. Available from: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC7685258/ .

Read in English: Shankhpushpi – Benefits, Side Effects, Precautions & More

Comments

Leave your comment...



You may also like