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नारियल (Coconut in Hindi): उपयोग, लाभ और साइड इफ़ेक्ट

By Dr Siddharth Gupta +2 more

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परिचय

कोकोस न्यूसीफेरा, एरेकेसी परिवार (ताड़ परिवार) से संबंधित एक पौधा है। इसे नारियल, कोको, कोको-डा-बाहिया या कोकोनट-ऑफ-द-बीच के नाम से भी जाना जाता है। यह पौधा मूल रूप से दक्षिण पूर्व एशिया (मलेशिया, इंडोनेशिया और फिलीपींस) और भारतीय और प्रशांत महासागरों के बीच के द्वीपों से है। नारियल फाइबर से निकले अर्क (एक्सट्रैक्ट) के फाइटोकेमिकल की जाँच करने पर उनमें फिनोल, टैनिन, ल्यूकोएंथोसायनिडिन, फ्लेवोनोइड्स, ट्राइटरपीन, स्टेरॉयड और एल्कलॉइड की मौजूदगी का पता चला।1 नारियल के ताड़ (पेड़) को प्रकृति के सबसे मूल्यवान और सुंदर पौधों में से एक माना जाता है। नारियल से बने उत्पाद, जैसे तेल, फाइबर, और यहां तक ​​कि इसकी लकड़ी से बने कोयले का उपयोग साबुन, सौंदर्य प्रसाधन (कॉस्मेटिक), खाद्य पदार्थ (फ़ूड) और दवाओं जैसे उपभोक्ता उत्पादों (कंज़्यूमर प्रॉडक्ट) को बनाने में किया जाता है।2

नारियल के फायदे

नारियल का ताड़ (कोकोनट पाम) दुनिया में सबसे ज़्यादा उगाए जाने वाले ताड़ों (पेड़ों) में से एक है। नारियल (कोकोनट) का उपयोग इससे मिलने वाले मेसोकार्प (फल के बीच की परत) फाइबर, दूध, गूदे और इसकी भूसी के लिए किया जाता है या इसे पूरा का पूरा भी इस्तेमाल किया जाता है। खोपरा (नारियल के बीज का सूखा गूदा जिससे तेल निकाला जाता है) उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों (ट्रॉपिकल रीजन) में पाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण फसल है। कई अध्ययनों से पता चला है कि नारियल (कोकोनट) और नारियल का तेल (कोकोनट ऑयल) कई तरह के विकारों (डिसऑर्डर) के लिए अच्छा है। 

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नारियल (कोकोनट) का पोषण मूल्य (न्यूट्रिशनल वैल्यू)

100 ग्राम नारियल (कोकोनट) में पाए जाने वाले पोषक तत्व हैं:2

  • ऊर्जा (एनर्जी): 1481 किलोजूल (354 किलो कैलोरी)
  • कार्बोहाइड्रेट: 15.23 ग्राम
  • शुगर: 6.23 ग्राम
  • डाइटरी फाइबर: 9 ग्राम
  • कुल वसा (फैट): 33.49 ग्राम
  • संतृप्त वसा (सैचुरेटेड फैट): 29.70 ग्राम
  • मोनोसैचुरेटेड फैट: 1.43 ग्राम
  • पॉलीअनसैचुरेटेड फैट: 0.37 ग्राम
  • प्रोटीन: 3 ग्राम
  • थायमिन (विटामिन B1): 0.066 मिलीग्राम (5%)
  • राइबोफ्लेविन (विटामिन B2): 0.02 मिलीग्राम (1%)
  • नियासिन (विटामिन B3): 0.54 मिलीग्राम (4%)
  • पैंटोथेनिक एसिड (विटामिन B5): 0.300 मिलीग्राम (6%)
  • विटामिन B6: 0.054 मिलीग्राम (4%)
  • फोलेट (विटामिन B9): 26 माइक्रोग्राम (7%)
  • विटामिन C: 3.3 मिलीग्राम (6%)
  • कैल्शियम: 14 मिलीग्राम (1%)
  • आयरन: 2.43 मिलीग्राम (19%)
  • मैग्नीशियम: 32 मिलीग्राम (9%)
  • फॉस्फोरस: 113 मिलीग्राम (16%)
  • पोटैशियम: 356 मिलीग्राम (8%)
  • ज़िंक: 1.1 मिलीग्राम (11%)

नारियल (कोकोनट) के गुण

नारियल (कोकोनट) के पौधे के निम्नलिखित गुण हैं।1

  • यह दस्त (डायरिया) को कम करने में मदद कर सकता है (एंटी-डायरियल)।1
  • यह एक ऐन्टीपाइरेटिक (बुखार से राहत देने वाला) हो सकता है।1
  • यह एंटी-इंफ्लेमटरी की तरह काम कर सकता है (शरीर के दर्द और सूजन की वजह को कम करता है)।1
  • यह एक एंटी-डाययूरेटिक (मूत्र कम करता है) हो सकता है।1
  • यह एक असरदार एंटीबैक्टीरियल हो सकता है।1 
  • यह मधुमेह (डायबिटीज़) से लड़ सकता है (ब्लड शुगर कम कर सकता है)।1
  • इसमें एंटी-अस्थमैटिक गुण हो सकते हैं (अस्थमा के लक्षणों को कम करता है)।1
  • इसमें एंटी-डर्मेटाइटिस के गुण हो सकते हैं (त्वचा की सूजन से राहत दिलाता है)।1
  • यह चोट को ठीक करने में मदद कर सकता है।1
  • यह एक शक्तिशाली एंटी-वायरल घटक (एजेंट) हो सकता है।1
  • इसमें एंटी-मलेरिया के गुण हो सकते हैं।1
  • यह एक एंटी-हेल्मिन्थिक (आंतों के कीड़ों को मारता है) एजेंट हो सकता है।1
  • यह फंगस (एंटी-फंगल) से लड़ सकता है।1
  • इसमें एंटीनोप्लास्टिक (एंटी कैंसर) क्षमता हो सकती है।1
  • यह एक एंटी-ऑस्टियोपोरोटिक (हड्डियों की सुरक्षा करने वाला) एजेंट हो सकता है।1
  • यह एक एंटीऑक्सीडेंट हो सकता है।1
  • इसमें किडनी की सुरक्षा करने वाले गुण हो सकते हैं।1
  • इसमें दिल की सुरक्षा करने वाले गुण हो सकते हैं।1
  • इसमें लिवर की सुरक्षा करने वाले गुण हो सकते हैं।1
  • यह एक एंटीहाइपरटेन्सिव (ब्लड प्रेशर कम करने वाला) एजेंट हो सकता है।1

नारियल (कोकोनट) के संभावित गुण

1. दर्द के लिए नारियल (कोकोनट) के संभावित गुण

coconut
Image Source: freepik.com

चूहों पर किए गए कई अध्ययनों से नारियल (कोकोनट) के कच्चे हस्क-फाइबर (कच्चे नारियल की भूसी में मौजूद फाइबर) के अर्क (एक्सट्रैक्ट) में मौजूद एनाल्जेसिक (दर्द से राहत) गुण का पता चलता है। यह अर्क (एक्सट्रैक्ट) तंत्रिका मार्ग (ब्रेन पाथवे) पर काम करके दर्द को दूर भगाता है। शोध के अनुसार, नारियल के हस्क-फाइबर का अर्क (एक्सट्रैक्ट) एक प्रभावी दर्द निवारक (पेनकिलर) हो सकता है।1 हालाँकि, मनुष्यों पर इसके प्रभाव को साबित करने के लिए अभी और ज़्यादा शोध किए जाने की ज़रूरत है।

2. सूजन (इन्फ्लेमेशन) के लिए नारियल (कोकोनट) के संभावित गुण

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पूर्वोत्तर ब्राजील की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली में गठिया (जोड़ों की सूजन) और अन्य सूजन संबंधी विकारों को नियंत्रित करने के लिए नारियल के हस्क-फाइबर (कच्चे नारियल की भूसी में मौजूद फाइबर) का उपयोग किया जाता है। जानवरों पर किए गए एक अध्ययन से पता चलता है कि नारियल का अर्क (एक्सट्रैक्ट), इंफ्लेमटरी सेल्स माइग्रेशन, प्रोटीन के रिसाव और इंफ्लेमटरी मीडिएटर के गठन को कम करके दर्द और सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। जानवरों पर किए गए एक अन्य अध्ययन के अनुसार, हस्क-फाइबर के अर्क (एक्सट्रैक्ट) से चूहे के पंजे के फूलने (सूजन) में भी कमी आ सकती है।1 हालाँकि, ये अध्ययन जानवरों पर किए गए थे और मनुष्यों पर इसके प्रभाव को साबित करने के लिए अभी और ज़्यादा अध्ययन किए जाने की ज़रूरत है।

3. एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में नारियल (कोकोनट) के संभावित गुण

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कच्चे नारियल के पानी (टेंडर कोकोनट वाटर) में एक मुक्त अमीनो एसिड (एल-आर्जिनिन) होता है जो मुक्त कणों (फ्री रेडिकल्स) को बनने से रोकता है। कच्चे नारियल के पानी (टेंडर कोकोनट वाटर) में विटामिन C भी होता है, जो चूहों में होने वाले लिपिड पेरोक्सीडेशन को रोक सकता है। चूहों के खाने में वर्जिन नारियल का तेल डालने से एंटीऑक्सीडेंट एंजाइम का स्तर बढ़ सकता है।3

अध्ययनों के अनुसार, शुद्ध नारियल के तेल (वर्जिन कोकोनट ऑयल) में मौजूद कुल फेनोलिक, व्यावसायिक नारियल तेल (कमर्शियल कोकोनट ऑयल) की तुलना में लगभग सात गुना ज़्यादा था। एंटी ऑक्सीडेंट की जांच करने पर रिफाइंड नारियल तेल की तुलना में शुद्ध नारियल के तेल (वर्जिन कोकोनट ऑयल) में ज़्यादा एंटी ऑक्सीडेंट पाया गया। नारियल के अर्क (कोकोनट एक्सट्रैक्ट) में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट की जांच करने के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल किया गया था। अध्ययन के नतीजों से पता चलता है कि नारियल के अर्क (कोकोनट एक्सट्रैक्ट) में काफ़ी ज़्यादा एंटीऑक्सीडेंट क्षमता हो सकती है।1 

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4. दिल के लिए नारियल (कोकोनट) के संभावित गुण

heart
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जानवरों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि, नारियल की गिरी से निकले अर्क (कोकोनट एंडोकार्प  एक्सट्रैक्ट) में रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) को कम करने की क्षमता होती है। नारियल की गिरी से निकला अर्क (कोकोनट एंडोकार्प  एक्सट्रैक्ट), नाइट्रिक ऑक्साइड और साइक्लोऑक्सीजिनेज मार्ग पर काम करके उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) से पीड़ित चूहों के रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) को कम करने में मदद कर सकता है। इसके लिए उपयोग किए गए अर्क (एक्सट्रैक्ट) में फेनोलिक रसायनों और फ्लेवोनोइड्स की मौजूदगी से इन गुणों का पता चल सकता है।1

नारियल के पानी (कोकोनट वाटर) में मौजूद उच्च खनिज आयन सांद्रता (हाई मिनरल आयन कंसंट्रेशन), ख़ासतौर पर पोटैशियम के कारण यह दिल को मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन (दिल का दौरा) से लड़ने में मदद कर सकता है। अध्ययन में पाया गया है कि शुद्ध नारियल तेल (वर्जिन कोकोनट ऑयल), कुल कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स, फॉस्फोलिपिड्स, कम घनत्व वाले (लो-डेंसिटी) लिपोप्रोटीन, बहुत कम घनत्व वाले (वेरी-लो-डेंसिटी) लिपोप्रोटीन को कम करने और उच्च घनत्व वाले (हाई-डेंसिटी) लिपोप्रोटीन-कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाने में मददगार है। शुद्ध नारियल तेल (वर्जिन कोकोनट ऑयल) के पॉलीफेनोल घटक द्वारा कम घनत्व वाले (लो-डेंसिटी) लिपोप्रोटीन ऑक्सीकरण को रोका जा सकता है।3

शुद्ध नारियल तेल (वर्जिन कोकोनट ऑयल), लिपिड पेरोक्सीडेशन को कम करने में मदद कर सकता है। इसकी उच्च एल-आर्जिनिन (अमीनो एसिड) सांद्रता (कंसंट्रेशन) के कारण नारियल (कोकोनट) में मौजूद प्रोटीन का हाइपोलिपिडेमिक प्रभाव पड़ सकता है। यह ऊतकों (टिश्यू) और सीरम में लिपिड की सामान्य मात्रा को बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसलिए, यह कम घनत्व वाले (लो-डेंसिटी) लिपोप्रोटीन ऑक्सीकरण को रोक सकता है, कोलेस्ट्रॉल के प्रवाह को उलट सकता है और आंतों द्वारा कोलेस्ट्रॉल अवशोषण को कम कर सकता है।3 हालाँकि, आपको दिल से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

5. कैंसर के लिए नारियल (कोकोनट) के संभावित गुण

cancer
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मनुष्यों के ल्यूकेमिया (सफेद रक्त कैंसर) सेल लाइनों पर नारियल के हस्क-फाइबर के अर्क (एक्सट्रैक्ट) के प्रभाव के बारे में पता लगाया गया था। नारियल के हस्क-फाइबर का अर्क (एक्सट्रैक्ट) ल्यूकेमिया कोशिकाओं (सेल्स) के लिए ज़हरीला था और ल्यूकेमिया कोशिकाओं (सेल्स) की जीवन शक्ति को कम करने में मदद कर सकता है।1 कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का निदान और इलाज एक योग्य चिकित्सक द्वारा किया जाना चाहिए। कृपया खुद से इलाज न करें।

6. परजीवी संक्रमण (पैरासिटिक इन्फेक्शन) के लिए नारियल (कोकोनट) के संभावित गुण

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जानवरों पर किए गए एक अध्ययन में, हरे नारियल के छिलके के अर्क (ग्रीन कोकोनट बार्क एक्सट्रैक्ट) की एंटी-हेल्मिन्थिक गतिविधि की जांच की गई थी। कोकोनट हस्क (नारियल की भूसी) से निकलने वाले तरल पदार्थ की जांच में पाया गया कि यह ओविसाइडल (जो अंडाणु की मृत्यु का कारण बनता है) और लार्विसाइडल (लार्वा कीट को मारता है) के लिए हेमोन्कस कॉन्टोर्टस के खिलाफ असरदार है। यह पाया गया कि, यह अर्क (एक्सट्रैक्ट), लार्विसाइडल और ओविसाइडल की तरह काम करता है।1 इन नतीजों का मतलब है कि नारियल का अर्क (कोकोनट एक्सट्रैक्ट) गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कीड़ों से निपटने में मददगार हो सकता है। हालाँकि, इन्हें साबित करने के लिए अभी और शोध किए जाने की ज़रूरत है।

7. मस्तिष्क (ब्रेन) के लिए नारियल (कोकोनट) के संभावित गुण

brain

नारियल की जड़ के अर्क (कोकोनट रुट एक्सट्रैक्ट) से चूहों के सोने के समय में बढ़ोतरी हुई, जिससे मस्तिष्क पर अवसादकारी (डिप्रेसिंग) प्रभाव पड़ सकता है। एक पशु मॉडल में, नारियल की जड़ के अर्क (कोकोनट रुट एक्सट्रैक्ट) में संभावित एंटीकॉन्वल्सेंट (दौरा पड़ने को रोकता है) गुण भी पाए गए। 24 घंटों के बाद भी, किसी भी जानवर को कोई दौरा नहीं पड़ा या उनकी मृत्यु नहीं हुई।1 हालाँकि, मनुष्यों पर इन प्रभावों की पुष्टि होना अभी बाकी है। अगर आप अवसाद (डिप्रेशन) से पीड़ित हैं या कोई अन्य समस्या है तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

8. माइक्रोबियल इन्फेक्शन के लिए नारियल (कोकोनट) के संभावित गुण

infection

एक प्रयोग (एक्सपेरिमेंट) में सामान्य मौखिक रोगजनकों (कॉमन ओरल पैथोजन्स) के खिलाफ नारियल की भूसी के अर्क (कोकोनट हस्क फाइबर एक्सट्रैक्ट) के रोगाणुरोधी प्रभावों (एंटीमाइक्रोबियल इफ़ेक्ट) के बारे में पता लगाया गया था। इसमें, जांचे गए सभी सूक्ष्मजीवों (माइक्रोऑर्गेनिज़्म) के लिए, एंटीमाइक्रोबियल क्षमता पाई गई।1 इससे पता चलता है कि यह, इन सूक्ष्मजीवों (माइक्रोऑर्गेनिज़्म) के कारण होने वाले संक्रमणों से लड़ने में मदद कर सकता है।

9. बैक्टीरियल इन्फेक्शन के लिए नारियल (कोकोनट) के संभावित गुण

infection

एक परिक्षण में, स्टैफिलोकोकस ऑरियस, स्यूडोमोनास एरुगिनोसा, एस्चेरिचिया कोली, क्लेबसिएला निमोनिया, एसिनेटोबैक्टर बॉमनी, सिट्रोबैक्टर फ्रुंडि, एंटरोकोकस, स्ट्रेप्टोकोकस पाइरोजेन्स, बैसिलस सबटिलिस, और माइक्रोकोकस ल्यूटस से लड़ने के लिए नारियल की गिरी से निकले अर्क (कोकोनट एंडोकार्प  एक्सट्रैक्ट) में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुणों की जांच की गई थी।1

10. फंगल इन्फेक्शन के लिए नारियल (कोकोनट) के संभावित गुण

fungal infection

नारियल के कच्चे अर्क (कोकोनट क्रूड एक्सट्रेक्ट) में मौजूद एंटिफंगल गुण, कैंडिडा एल्बिकैंस, क्रिप्टोकोकस नियोफॉर्मन्स, और फोंसेकिया पेड्रोसोई को बढ़ने से रोक सकते हैं। नारियल के कच्चे अर्क (कोकोनट क्रूड एक्सट्रेक्ट) में मौजूद टैनिन और कैटेचिन, इसके एंटिफंगल गुणों के कारण हो सकते हैं।1

11. वायरल इन्फेक्शन के लिए नारियल (कोकोनट) के संभावित गुण

cough

नारियल के तेल (कोकोनट ऑयल) में, लिपिड-कोटेड वायरस जैसे विस्ना वायरस, साइटोमेगालोवायरस, एपस्टीन-बार वायरस, इन्फ्लूएंजा वायरस, ल्यूकेमिया वायरस, निमोनिया वायरस और हेपेटाइटिस सी वायरस से लड़ने के गुण हो सकते हैं। नारियल के तेल (कोकोनट ऑयल) में मौजूद फैटी एसिड, इन जीवाणुओं की झिल्लियों को नुकसान पहुंचाकर और वायरस को बनने और बढ़ने से रोक कर उन्हें ख़त्म कर सकते हैं।3

12. मधुमेह (डायबिटीज़) के लिए नारियल (कोकोनट) के संभावित गुण

diabeties

जानवरों पर किए गए एक अध्ययन में शुद्ध नारियल की गिरी में मौजूद प्रोटीन (कोकोनट कर्नल प्रोटीन) की जांच की गई थी। इसमें जानवरों में ग्लूकोज़ के स्तर को कम करने की क्षमता पाई गई। नारियल की गिरी में मौजूद प्रोटीन (कोकोनट कर्नल प्रोटीन) से लिवर में ग्लाइकोजन का स्तर और मधुमेह से पीड़ित जानवरों (डायबिटिक एनिमल मॉडल) के सीरम में कार्बोहाइड्रेट-मेटाबॉलिज़्म एंजाइम भी सामान्य हो गए। कृपया मधुमेह (डायबिटीज़) के इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह लें और खुद से इलाज न करें।

13. हड्डियों के लिए नारियल (कोकोनट) के संभावित गुण

bone health

जानवरों पर किए गए एक अध्ययन में शुद्ध नारियल तेल (वर्जिन कोकोनट ऑयल) का हड्डियों पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया गया था। शुद्ध नारियल तेल (वर्जिन कोकोनट ऑयल) से जानवरों में बोन वॉल्यूम का बढ़ना, बोन टिश्यू को कम करने और बोन टिश्यू के अलग होने में कमी आ सकती है।1 हालाँकि, इस पर अभी और शोध किए जाने की ज़रूरत है।

14. किडनी के लिए नारियल (कोकोनट) के संभावित गुण

kidney health

चूहों पर किए गए अध्ययन (रैट मॉडल) में, नारियल के पानी (कोकोनट वाटर) का गुर्दे की पथरी (किडनी स्टोन) पर सकारात्मक प्रभाव देखा गया। मूत्र की जांच  (यूरिन एनालिसिस) करने पर, कैल्शियम ऑक्सालेट क्रिस्टल, क्रिएटिनिन और यूरिया के स्तर, एंटीऑक्सिडेंट एंजाइम के स्तर और लिपिड पेरोक्सीडेशन की मात्रा में काफ़ी गिरावट देखी गई। हालाँकि, इन प्रभावों को साबित करने के लिए अभी और ज़्यादा शोध किए जाने की ज़रूरत है।

15. त्वचा के लिए नारियल (कोकोनट) के संभावित गुण

skin
Image Source: freepik.com

दुनिया के कई क्षेत्रों में काफ़ी पुराने समय से नारियल के तेल (कोकोनट ऑयल) को मॉइस्चराइज़र के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। नारियल के तेल (कोकोनट ऑयल) में बैक्टीरिया को मारने (बैक्टीरिया किलिंग) के गुण हो सकते हैं और यह त्वचा के लिए एक प्रभावी और सुरक्षित मॉइस्चराइज़र हो सकता है। मोनोलॉरिन {नारियल वसा (कोकोनट फैट) का उप-उत्पाद} त्वचा के घावों से निकलने वाले बैक्टीरिया के खिलाफ प्रभावी हो सकता है। एस ऑरियस बैक्टीरिया से लड़ने वाले इसके जीवाणुरोधी प्रभाव (एंटीबैक्टीरियल इफ़ेक्ट) के कारण, शुद्ध नारियल तेल (वर्जिन कोकोनट ऑयल) और मोनोलॉरिन (कोकोनट फैट का उप-उत्पाद), ऐटोपिक डरमैटिटिस (त्वचा की सूजन) से लड़ने में मदद कर सकता है।3

16. प्रतिरक्षा शक्ति (इम्यूनिटी) के लिए नारियल (कोकोनट) के संभावित गुण

Immunity

वैज्ञानिकों के अनुसार, इम्युनोकॉम्प्रोमाइज्ड {कम प्रतिरक्षा शक्ति (लो इम्यूनिटी पावर) वाले} जानवरों को नारियल से मिलने वाला प्रोटीन (कोकोनट प्रोटीन) खिलाने के बाद उनकी लाल रक्त कोशिकाओं, सफेद रक्त कोशिकाओं, प्लेटलेट्स, न्यूट्रोफिल, मोनोसाइट्स, ईोसिनोफिल्स, बी-लिम्फोसाइट्स, टी-लिम्फोसाइट्स और हीमोग्लोबिन के स्तर में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे इस बात का पता चलता है कि नारियल से मिलने वाला प्रोटीन (कोकोनट प्रोटीन) में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी {प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ाने (इम्यूनिटी एन्हैन्सर) वाले} गुण हो सकते हैं।3

हालाँकि ऐसे कई अध्ययन किए गए हैं जो विभिन्न परिस्थितियों में नारियल (कोकोनट) के संभावित उपयोगों के बारे में बताते हैं, लेकिन ये अपर्याप्त हैं और मनुष्यों के स्वास्थ्य पर नारियल (कोकोनट) के फ़ायदों के बारे में पता लगाने के लिए अभी और अध्ययन किए जाने की ज़रूरत है।

नारियल (कोकोनट) को कैसे इस्तेमाल करें?

नारियल (कोकोनट) को निम्नलिखित तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है:

  • नारियल का दूध (कोकोनट मिल्क)
  • कोकोनट हस्क फाइबर 
  • नारियल के छिलके की चाय
  • नारियल पानी (कोकोनट वाटर)
  • नारियल का फल
  • नारियल का तेल (कोकोनट ऑयल)2

किसी भी हर्बल सप्लीमेंट को लेने से पहले आपको किसी योग्य डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। किसी योग्य डॉक्टर से सलाह लिए बिना आधुनिक दवाओं (मॉडर्न मेडिसिन) के चल रहे उपचार को बंद न करें और न ही उनके बदले कोई आयुर्वेदिक/हर्बल दवा लें।

नारियल (कोकोनट) के दुष्प्रभाव (साइड इफ़ेक्ट)

अब तक नारियल (कोकोनट) के किसी बड़े दुष्प्रभाव (साइड इफ़ेक्ट) का पता नहीं चला है। अगर आपको इससे कोई एलर्जी होती है, तो अपने डॉक्टर से तुरंत सलाह लें जिन्होंने आपको इसे इस्तेमाल करने की सलाह दी है। वे दुष्प्रभावों (साइड इफ़ेक्ट) को दूर करने के लिए आपका सही इलाज कर पाएंगे।

नारियल (कोकोनट) के साथ बरती जाने वाली सावधानियां

गर्भावस्था में नारियल पानी (कोकोनट वाटर) पीना पूरी तरह से सुरक्षित है।4 बच्चों और बुजुर्गों पर नारियल (कोकोनट) के सुरक्षित उपयोग का कोई लिखित प्रमाण नहीं है। इसलिए, इसे केवल एक डॉक्टर की देखरेख और सलाह के तहत ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

अन्य दवाओं के साथ इस्तेमाल

अन्य दवाओं के साथ लिए जाने पर नारियल (कोकोनट) कैसे प्रतिक्रिया करता है, इस बारे में ज़्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए रोगियों को, अगर वे कोई अन्य दवा या सप्लीमेंट लेते हैं, तो नारियल (कोकोनट) इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

यह भी पढ़ें: चिया सीड्स (Chia Seeds in hindi): उपयोग, लाभ, साइड इफ़ेक्ट, और अन्य जानकारी!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

क्या नारियल (कोकोनट) एक फल है?

हाँ, नारियल (कोकोनट) एक फल है।2

क्या नारियल पानी (कोकोनट वाटर) गर्भावस्था में सुरक्षित है?

हाँ, नारियल पानी (कोकोनट वाटर) पीना गर्भावस्था में सुरक्षित हो सकता है। गर्भवती महिलाओं को नारियल पानी पीने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।4

नारियल (कोकोनट) क्या है?

नारियल (कोकोनट) एक ऐसा फल है जिसका इस्तेमाल इसके मेसोकार्प (फल के बीच की परत) फाइबर, दूध, गूदे और इसकी भूसी के लिए किया जाता है या इसे पूरा का पूरा भी इस्तेमाल किया जाता है।2

क्या नारियल (कोकोनट) स्वास्थ्य के लिए अच्छा है?

हाँ, नारियल (कोकोनट) स्वास्थ्य के लिए अच्छा हो सकता है। इसमें चोट भरने, एंटी-वायरल, एंटी-मलेरिया, एंटी-हेल्मिन्थिक (आंतों के कीड़े मारने वाले), एंटीफंगल, एंटीनोप्लास्टिक (एंटीकैंसर), एंटी-ऑस्टियोपोरोटिक (हड्डियों की सुरक्षा), एंटीऑक्सिडेंट, किडनी की सुरक्षा, दिल-की-सुरक्षा, लिवर की सुरक्षा और उच्च रक्तचाप रोधी (ब्लड प्रेशर कम करना) जैसे कई गुण हो सकते हैं।1 हालाँकि, ऊपर दिए गए स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को साबित करने के लिए और ज़्यादा शोध किए जाने की ज़रूरत है।

क्या नारियल (कोकोनट) लिवर के लिए अच्छा है?

ताजा नारियल पानी (टेंडर कोकोनट वाटर) से चूहों में रक्त एंजाइम के स्तर, लिवर कोशिका मृत्यु (लिवर सेल डेथ) और वसायुक्त (फैटी) लिवर में कमी आई, लेकिन मनुष्यों में इसके प्रभाव के बारे में अभी कोई जानकारी मौजूद नहीं है।1

क्या नारियल (कोकोनट) मधुमेह (डायबिटीज़) के लिए अच्छा है?

सूखे नारियल की गिरी से निकाला गया नारियल की गिरी का प्रोटीन, मधुमेह (डायबिटीज़) से पीड़ित चूहों में ग्लूकोज़ और इंसुलिन के स्तर को कम करता है, लेकिन मनुष्यों पर इस प्रभाव के बारे में कोई जानकारी नहीं है।1

क्या नारियल (कोकोनट) कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए अच्छा है?

जानवरों पर किए गए एक प्रयोग में पाया गया कि नारियल से निकले शुद्ध नारियल तेल (वर्जिन कोकोनट ऑयल) में मौजूद पॉलीफेनोल घटक, कुल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है।3

नारियल (कोकोनट) के पेड़ की औसत ऊंचाई क्या होती है?

नारियल (कोकोनट) के पेड़ की औसत ऊंचाई 20-30 मीटर होती है।3

नारियल (कोकोनट) के किस हिस्से को खाया जा सकता है?

पके हुए नारियल का एंडोस्पर्म (बीज के अंदर का टिश्यू) खोल की भीतरी सतह पर होता है। नारियल (कोकोनट) के एंडोस्पर्म परत और बीज के अंदर के स्पष्ट तरल को खाया जा सकता है।2

क्या नारियल (कोकोनट) उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के लिए अच्छा है?

नारियल (कोकोनट), उच्च रक्त चाप (हाई ब्लड प्रेशर) में मदद कर सकता है। नारियल की गिरी से निकला अर्क (कोकोनट एंडोकार्प  एक्सट्रैक्ट), नाइट्रिक ऑक्साइड और साइक्लोऑक्सीजिनेज मार्ग पर काम करके उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) से पीड़ित चूहों के रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) को कम करने में मदद कर सकता है। लेकिन मनुष्यों पर इस प्रभाव के बारे में कोई जानकारी नहीं है।1

नारियल (कोकोनट) के क्या-क्या उपयोग हैं?

नारियल से बने उत्पाद (कोकोनट प्रॉडक्ट), जैसे तेल, फाइबर, और यहां तक ​​कि इसकी लकड़ी के कोयले का उपयोग साबुन, सौंदर्य प्रसाधन (कॉस्मेटिक), खाद्य पदार्थ (फ़ूड) और दवाओं जैसे उपभोक्ता उत्पादों में बड़े पैमाने पर किया जाता है।2

नारियल (कोकोनट) के किस भाग से नारियल की जटा (कोइर) का उत्पादन होता है?

नारियल के रेशे (कोकोनट फाइबर) से कोइर {नारियल के बाहरी छिलके से प्राप्त नारियल के रेशे (फाइबर)} का उत्पादन होता है।2

नारियल की भूसी (कोकोनट हस्क) क्या होता है?

नारियल के फल के एक्सोकार्प (बाहरी परत) और मेसोकार्प (बीच की परत) से नारियल की भूसी (कोकोनट हस्क) बनती है।2

References

  1. ELima EB, Sousa CN, Meneses LN, Ximenes NC, Santos MA, Vasconcelos GS, et al. Cocos nucifera (L.)(Arecaceae): A phytochemical and pharmacological review. Braz J Med Biol Res. 2015; 48: 953-964. Available from: https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/26292222/
  2. Agyemang-Yeboah F. Health benefits of coconut (Cocos nucifera Linn.) seeds and coconut consumption. InNuts and seeds in health and disease prevention 2011 (pp. 361-367). Academic Press. Available from: https://www.researchgate.net/publication/286686696_Health_Benefits_of_Coconut_Cocos_nucifera_Linn_Seeds_and_Coconut_Consumption
  3. DebMandal M, Mandal S. Coconut (Cocos nucifera L.: Arecaceae): in health promotion and disease prevention. Asian Pac J Trop Med. 2011; 4(3):241-247. Available from: https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/21771462/
  4. Diana R, Rachmayanti RD, Anwar F, Khomsan A, Christianti DF, Kusuma R. Food taboos and suggestions among Madurese pregnant women: a qualitative study. J Ethnic Foods. 2018; 5(4): 246-253. Available from: https://sipakaril.ipb.ac.id/Files/33e7a905-a81c-495d-91c4-96eb40d0fa06/paper_33e7a905-a81c-495d-91c4-96eb40d0fa06.pdf

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